खड़ी बोली का प्रयोग सबसे पहले किस पुस्तक में हुआ?
खड़ी बोली का प्रयोग सबसे पहले किस पुस्तक में हुआ?
Detailed Solution & Logic
प्रेमसागर
खड़ी बोली का प्रथम प्रयोग
- हिंदी गद्य में खड़ी बोली का सबसे पहला व्यवस्थित प्रयोग 👉 प्रेमसागर में हुआ
- इसके लेखक थे 👉 लल्लूलाल
- यह पुस्तक 19वीं शताब्दी (लगभग 1805) में लिखी गई
मुख्य बातें
1. “प्रेमसागर” क्या है?
- यह एक प्रसिद्ध हिंदी गद्य ग्रंथ है
- इसमें भगवान श्रीकृष्ण की कथाएँ वर्णित हैं
- इसे आधुनिक हिंदी गद्य की शुरुआत माना जाता है
2. खड़ी बोली का महत्व
- आज की मानक हिंदी (Standard Hindi) खड़ी बोली पर आधारित है
- पहले साहित्य में ब्रजभाषा और अवधी का अधिक प्रयोग होता था
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं?
- भक्तिसागर ❌ → खड़ी बोली का पहला प्रयोग नहीं
- सुखसागर ❌ → अलग धार्मिक ग्रंथ
- काव्यसागर ❌ → काव्य संग्रह, खड़ी बोली की शुरुआत नहीं
Extra Facts (Exam Important)
1. फोर्ट विलियम कॉलेज
- फोर्ट विलियम कॉलेज में हिंदी गद्य को बढ़ावा मिला
- “प्रेमसागर” भी इसी प्रयास का हिस्सा था
2. भाषा विकास
- पहले: ब्रजभाषा, अवधी
- बाद में: खड़ी बोली → आधुनिक हिंदी
✔️ निष्कर्ष
👉 खड़ी बोली का पहला प्रयोग हुआ: प्रेमसागर में
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