‘नमस्ते’ सही संधि – विच्छेद है:
‘नमस्ते’ सही संधि – विच्छेद है:
Detailed Solution & Logic
Correct Answer:
नम: + ते
व्याख्या:
‘नमस्ते’ शब्द नमः + ते के संयोग से बना है।
- नमः = नमस्कार, प्रणाम
- ते = तुम्हें / आपको
संधि के नियम के अनुसार विसर्ग (ः) के बाद त आने पर विसर्ग का स् हो जाता है।
नमः + ते → नमस्ते
अर्थ: “आपको नमस्कार” या “मैं आपको प्रणाम करता/करती हूँ।”
अतिरिक्त तथ्य:
- ‘नमस्ते’ संस्कृत का शब्द है और भारत में सबसे प्रचलित अभिवादन (greeting) है।
- इसका शाब्दिक अर्थ है — “मैं आपके भीतर स्थित दिव्य तत्व को नमन करता हूँ।”
- इसी प्रकार:
- नमः + कार → नमस्कार
- मनः + ताप → मनस्ताप
उत्तर: नमः + ते ✅
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