निम्नलिखित गद्याशं को पढ़कर प्रश्नोंं के उत्तर दीजिए ।-बिहु नृत्य के समय बजाया जाने वाला पारंपरिक वाद्ययंत्र कौन-सा है?

भारत विविधताओं का देश है, जहाँ प्रत्येक राज्य की अपनी संस्कृति और परंपराएँ हैं। असम राज्य की पहचान उसके प्रसिद्ध पर्व बिहु से होती है। बिहु केवल एक पर्व नहीं, बल्कि असम की  आत्मा है, जो उसके लोकजीवन, कृषि, प्रेम और उल्लास को अभिव्यक्त करता है। बिहु वर्ष में तीन बार मनाया जाता है  रंगाली बिहु, काती बिहु और भोगाली बिहु, जिनका संबंध असम की कृषि प्रणाली से है। रंगाली बिहु, जिसे बोहाग बिहु भी कहा जाता है, वर्ष के आरंभ में अप्रैल में मनाया जाता है। यह वसंत का प्रतीक है और फसल बोने की शुरुआत को दर्शाता है। इस अवसर पर युवक-युवतियाँ पारंपरिक परिधान पहनकर ‘बिहु नृत्य’ करते हैं और ‘पेपा’ वाद्ययंत्र की मधुर ध्वनि वातावरण को जीवंत बना देती है। काती बिहु अक्टूबर-नवंबर में मनाया जाता है। यह फसल की वृद्धि की प्रार्थना का समय होता है। किसान दीप जलाकर अपने खेतों की रक्षा और समृद्धि की कामना करते हैं। भोगाली बिहु, जनवरी में आता है। यह कटाई के बाद का उत्सव होता है, जिसमें भरपूर अन्न और खुशहाली के साथ लोग पारंपरिक व्यंजन बनाकर उत्सव मनाते हैं। बिहु, जाति-धर्म से ऊपर उठकर सभी असमवासियों को जोड़ता है। यह त्यौहार न केवल सामाजिक एकता का प्रतीक है, बल्कि प्रकृति के प्रति आभार प्रकट करने का अवसर भी प्रदान करता है। बिहु में संगीत, नृत्य और आत्मीयता का अनोखा संगम देखने को मिलता है, जो इसे एक अद्वितीय सांस्कृतिक उत्सव बनाता है।

प्रश्न : बिहु नृत्य के समय बजाया जाने वाला पारंपरिक वाद्ययंत्र कौन-सा है?

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