‘हस्तामलक’ शब्द से अभिप्रेत है
निम्नलिखित गद्दीयांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा उस पर आधारित प्रश्नोें (76-80) के उत्तर चुनिए :
विज्ञान आज के मानव जीवन का अविभाज्य एंव घनिष्ठ अंग बन गया है। मानव जीवन का कोई भी क्षेत्र विज्ञान के अश्रुतपूर्व आविष्कारों से अछूता नहीं रहा। इसी से आधुनिक युग विज्ञान का युग कहलाता है। आज विज्ञान ने पुरूष और नारी, साहित्यकार और राजनीतिज्ञ, उद्योगपति और कृषक, पूँजीपति और श्रमिक ,चिकित्सक और सैनिक, अभियन्ता और शिक्षक तथा धर्मज्ञ और तत्वज्ञ सभी को और सभी क्षेत्रों में किसी न किसी रूप में अपने अप्रतिम प्रदेय से अनुगृहीत किया है। आज समूचा परिवेश विज्ञानमय हो गया है। विज्ञान के चरण गृहिणी के रसोईघर से लेकर बड़ी-बड़ी प्राचीरों वाले भवनों और अट्टािलकाओं में ही दृष्टिगत नहीं होते, प्रत्युत वे स्थल और जल की सीमाओं को लाँघकर अन्तरिक्ष में भी गतिशील है। वस्तुतः विज्ञान अध्यतन मानव की सबसे बड़ी शक्ति बन गया है। इसके बल से मनुष्य प्रकृति और प्राणिजगत का शिरोमणि बन सका है। विज्ञान के अनुग्रह से वह सभी प्रकर की सुविधाओं और सम्पदाओं का स्वामित्व प्राप्त कर चुका है। अब वह ऋत-ऋतुओं के प्रकोप से भयाक्रांत एंव संत्रस्त नहीं है। विद्युत ने उसे आलोकित किया है, उष्णता और शीतलता दी है, बटन दबाकर किसी भी कार्य को सम्पन्न करने की ताकत भी दी है। मनोरंजन के विविध साधन उसे सुलभ हैं। यातायात एंव संचार के साधनों के विकास से समय और स्थान की दूरियाँ बहुत कम हो गई हैं और समूचा विश्व एक परिवार-सा लगने लगा है। कृषि और उद्योग के क्षेत्र में उत्पादन की तीव्र वृद्धि होने के कारण आज दुनिया पहले से अधिक धन-धान्य से सम्पन्न है। शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में विज्ञान की देन अभिनन्दनीय है। विज्ञान के सहयोग से मनुष्य धरती और समुद्र के अनेक रहस्य हस्तामलक करके अब अन्तरिक्ष लोक में प्रवेश कर चुका है। सर्वोपरि, विज्ञान ने मनुष्य को बौद्धीक विकास प्रदान किया है और वैज्ञानिक चिन्तन-पद्धति दी है। वैज्ञानिक चिन्तन-पद्धति से मनुष्य अन्धविश्वासों और रूढि-परम्पराओं से मुक्त होकर स्वस्थ एंम संतुलित ढंग से सोच-विचार कर सकता है और यथार्थ एंव सम्यक जीवन जी सकता है। इससे मनुष्य के मन को युगों के अन्धविश्वासों, भ्रमपूर्ण और दकियानूसी विचारों, भय और अज्ञानता से मुक्ति मिली है। विज्ञान की यह देन स्तुत्य है। मानव को चाहिए कि वह विज्ञान की इस समग्र देन को रचनात्मक कार्यों में सुनियोजित करे।
प्रश्न.: ‘हस्तामलक’ शब्द से अभिप्रेत है