शब्द विचार की दृष्टि से क्रिया-विशेषण शब्द क्या है? अविकारी
शब्द विचार की दृष्टि से क्रिया-विशेषण शब्द क्या है?
Detailed Solution & Logic
अविकारी
व्याख्या:
क्रिया-विशेषण वह शब्द होता है जो क्रिया की विशेषता बताता है।
जैसे — धीरे, जल्दी, वहाँ, आज, बहुत आदि।
क्रिया-विशेषण अविकारी शब्द होते हैं, अर्थात इनके रूप में लिंग, वचन, पुरुष, काल आदि के अनुसार परिवर्तन नहीं होता।
उदाहरण:
- राम धीरे चलता है।
- सीता धीरे चलती है।
यहाँ धीरे शब्द का रूप नहीं बदलता, इसलिए यह अविकारी है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं?
❌ सकर्मक → यह क्रिया का प्रकार है, जिसमें कर्म की आवश्यकता होती है।
उदाहरण: राम पुस्तक पढ़ता है।
❌ अकर्मक → ऐसी क्रिया जिसमें कर्म की आवश्यकता नहीं होती।
उदाहरण: बच्चा सोता है।
❌ विकारी → जिन शब्दों के रूप बदलते हैं, जैसे संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया।
Extra Facts:
अविकारी शब्दों के चार प्रमुख प्रकार:
- क्रिया-विशेषण
- संबंधबोधक
- समुच्चयबोधक
- विस्मयादिबोधक
उदाहरण:
- वह तेज़ दौड़ता है।
- मैं आज विद्यालय जाऊँगा।
- बच्चा बहुत हँसता है।
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