निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए-

यह संतोष और गर्व की बात है कि देश वैज्ञानिक और (1)_________ क्षेत्र में आशातीत प्रगति कर रहा है। विश्व के समृद्ध अर्थव्यवस्था वाले देशों से टक्कर लें रहा है और उनसे आगे निकल जाना चाहाता है, किंतु इस प्रगति के उजले पहलू के साथ एक  धुँधला पहलू भी है जिससे हम (2)__________ चाहते हैं। वह है नैतिकता का पहलू। यदि हमारे हृदय में सत्य, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और मानवीय भावनाएँ नहीं हैं; देश के मान -सम्मान का ध्यान नहीं हैं; तो सारी प्रगति निरर्थक होगी। आज यह आम धारणा है कि बिना हथेली गर्म किए साधारण- सा काम भी नहीं हो सकता। भ्रष्ट अधिकारियों और भ्रष्ट जनसेवकों में अपना घर भरने की (3)______ लगी है। उन्हें न समाज की चिंता है, न देश की। समाचार – पत्रों में अब रोजमर्रा की घटनाएँ आम हो गई हैं। लोग मान बैठे हैं कि यही हमारा राष्ट्रीय चरित्र है, जब कि वह सच नहीं है। (4)______मरी नहीं है, पर प्रचार अनैतिकता का हो रहा है। लोगों में यह धारणा घर करती जा रही है कि जब बड़े लोग ही ऐसा कर रहे हैं तो हम क्या करें? सबसे पहले तो इस सोच से मुक्ति पाना जरूरी है, और उसके बाद यह संकल्प किके भ्रष्टाचार से मुक्त समाज बनाएँगें। उन्हें (5)_________ करेंगे जो देश के नैतिक चरित्र को बिगाड़ रहे हैं।
विकल्पों में से उचित शब्द चयन कर अनुच्छेद में रिक्त स्थान की पूर्ति करें। (2)

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